भारतीय फुटबॉल की नींव और विस्तार
भारत में संगठित फुटबॉल की शुरुआत 1880 के दशक में हुई जब ब्रिटिश सैनिकों ने कोलकाता में यह खेल लाया। मोहन बागान ने 1911 में IFA शील्ड जीतकर इतिहास रचा — यह भारत की पहली बड़ी जीत थी। डूरंड कप, जो 1888 में शुरू हुआ, एशिया की सबसे पुरानी फुटबॉल प्रतियोगिताओं में से एक है। 1950 में भारत FIFA विश्व कप के
लिए क्वालीफाई कर चुका था। संतोष ट्रॉफी ने राज्य स्तरीय प्रतिभाओं को मंच दिया, जबकि ISL की शुरुआत ने क्लब फुटबॉल को नई रफ़्तार दी। जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में भी फुटबॉल की जड़ें गहरी होती जा रही हैं।